संस्कृत भाषा भारत की आत्मा के रूप में ,प्राण के रूप में धर्म एवं संस्कृति हैं। अनादिकाल से संस्कृत ही संस्कृति की वाहिका है।अतः संस्कृत हमारी सांस्कृतिक भाषा है।
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बुधवार, 26 जनवरी 2022
सुभाषितम्
अद्यतनसुभाषितानि
न कश्चिदपि जानाति किं कस्य श्वो भविष्यति।
अतः श्वः करणीयानि कुर्यादद्यैव बुद्धिमान्।।
अर्थात् कोई नहीं जानता कल किसका क्या होगा? अतः कल करने योग्यं कार्यों को बुद्धिमान् व्यक्ति आज ही करें।
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