संस्कृत भाषा भारत की आत्मा के रूप में ,प्राण के रूप में धर्म एवं संस्कृति हैं। अनादिकाल से संस्कृत ही संस्कृति की वाहिका है।अतः संस्कृत हमारी सांस्कृतिक भाषा है।
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शनिवार, 18 जून 2022
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अद्यतन-सूक्ति
"सूर्यवत् उद्भासितुम् इच्छति चेत् तत् वत् तपेत् आद्यम्" अर्थात् (यदि आप) सूर्य के समान चमकना चाहते हैं तो सूर्य के समान तपना सीख...
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अद्यतनं सुभाषितम् नासतो विद्यते भावो नाभावो विद्यते सतः। उभयोरपि दृष्टोऽन्तस्त्वनयोस्तत्त्वदर्शिभिः।। अर्थात;- शरीर उत्पत्तिके पहल...
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1. वर्ण-विचार प्रश्न 1. वर्ण किसे कहते हैं? उत्तर. जिस मूल ध्वनि के टु कड़े नहीं किए जा सकते, उसे वर्ण कहते...


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