संस्कृत भाषा भारत की आत्मा के रूप में ,प्राण के रूप में धर्म एवं संस्कृति हैं। अनादिकाल से संस्कृत ही संस्कृति की वाहिका है।अतः संस्कृत हमारी सांस्कृतिक भाषा है।
Followers
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
अद्यतन-सूक्ति
"सूर्यवत् उद्भासितुम् इच्छति चेत् तत् वत् तपेत् आद्यम्" अर्थात् (यदि आप) सूर्य के समान चमकना चाहते हैं तो सूर्य के समान तपना सीख...
-
अभ्यासप्रश्नपत्रानुसारम् कक्षा - षष्ठी तःअष्टमी पर्यन्तं खण्ड-क (अपठित-अवबोधनम्)-(8अङ्काः) प्रश्न 1.अधोलिख...
-
अद्यतनं सुभाषितम् नासतो विद्यते भावो नाभावो विद्यते सतः। उभयोरपि दृष्टोऽन्तस्त्वनयोस्तत्त्वदर्शिभिः।। अर्थात;- शरीर उत्पत्तिके पहल...
-
1. वर्ण-विचार प्रश्न 1. वर्ण किसे कहते हैं? उत्तर. जिस मूल ध्वनि के टु कड़े नहीं किए जा सकते, उसे वर्ण कहते...


Very nice
जवाब देंहटाएं🙏🏻✨❤️
जवाब देंहटाएंNice
जवाब देंहटाएंNice
जवाब देंहटाएंHappy mother's day mam ❤️🌹
जवाब देंहटाएंHappy Mother's Day Di 😘
जवाब देंहटाएंNice one
जवाब देंहटाएंमातृ दिवस शुभेच्छा
जवाब देंहटाएंBahut acha hai ma'am
जवाब देंहटाएंबहुत ही सुन्दर विचार
जवाब देंहटाएंJanvi
जवाब देंहटाएं